मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की जानकारी
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 2022 तक हमारे अन्नदाता किसानों की इनकम दोगुनी करने के लिए मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का शुभारम्भ किया है। 25 सितम्बर 2020 को शुरू हुई इस योजना को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के साथ जोड़ कर शुरू किया गया है। इस योजना में किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए किस्तों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना में धनराशी सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंचा दी जाएगी। इस आर्थिक सहायता से परिस्थितियों में सुधार आएगा। आज हम जानेंगे कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में कितनी राशी मिलेगी, इसके लाभ, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, एप्लीकेशन फॉर्म, लाभार्थी सूची और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ें।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 2020 में कितनी धनराशि मिलेगी।
किसान कल्याण योजना में किसान को सम्मान निधि योजना के 6000 रूपये तथा किसान कल्याण योजना के 4000 रूपये मिलाकर कुल 10000 रूपये की धनराशी प्रति वर्ष मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से दी जाएगी। इन 10000 रूपये में 6000 रूपये केंद्र सरकार की मदद से और 4000 रूपये राज्य सरकार की मदद से दिए जायेंगे।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण निधि के लाभ क्या है?
Mukhyamantri Kisan Kalyan Yojana mp के द्वारा सरकार किसानों की आर्थिक सहायता करेगी।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
एमपी किसान सम्मान कल्याण योजना में आर्थिक सहायता की राशि 4000 रूपये होगी, जो दो किस्तों में दिए जाएंगे।
इस योजना से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
किसान कल्याण योजना मध्य प्रदेश के अंतर्गत सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में पहुंचाई जाएगी।
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से किसानों की आय को दुगनी हो जाएगी। इस पैसों से किसान खेती के लिए आधुनिक सामान भी ले सकेंगें और कर्ज के नीचे दबे किसानों को भी बहुत लाभ पहुंचेगा।
राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार दोनों की राशि मिलकर मिलकर सभी किसानों को 10000 रूपए की बड़ी राशी सालाना प्राप्त कर सकेंगें।
MP Kisan Kalian Yojana 2020 के पात्रता क्या है?
- मुख्य मंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश के किसान उठा सकते है।
- इस योजना में सरकारी नौकरियां करने वाले व्यक्ति और इनकम टैक्स भरने वाले लोग शामिल नहीं है। परन्तु कई लोग जो अपनी कृषि भूमि पर खेती भले नहीं करते हो, लेकिन उन्हें भी इस योजना का फायदा मिल सकता है।
- इस योजना में का लाभ चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी या मल्टी टास्किंग स्टाफ के लोग खुद को रजिस्टर करवाकर ले सकते हैं।
- इस योजना का लाभ लेने वाले किसी किसान की अगर मृत्यु हो जाती है तो उसकी जमीन परिवार वालों के नाम पर ट्रांसफर होती है, तो उन्हें यह लाभ मिल सकेगा। अगर वह जमीन किसी और को बेच दी जाती है तो संबंधित व्यक्ति को ही स्कीम का लाभ मिलेगा। जिसके नाम पर जमीन होगी।
- अगर किसी ने खेती योग्य भूमि का इस्तेमाल किसी और चीज में किया तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- जो किसान अपनी खेती योग्य भूमि पर खेती ना करता हो, उसे बंजर छोड़ दिया जाता है। तब भी इस योजना का लाभ उसे नहीं मिला मिलेगा।
MP मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ किसे नहीं मिलेगा?
- यदि कोई किसान उस जमीन पर खेती करता हो, जो उसके नाम न होकर उसके पिता या दादा के नाम हो, तो उसे 10000 रुपये सालाना का लाभ नहीं मिलेगा। वह जमीन किसान के नाम होनी चाहिए।
- अगर कोई किसान किसी दूसरे किसान से जमीन किराए पर लेकर खेती करता है, तो भी उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इस योजना में जमीन किसान के नाम पर रजिस्टर होना चाहिए।
- सभी संस्थागत भूमि धारक भी इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
- अगर कोई किसान या किसान के परिवार का कोई व्यक्ति किसी संवैधानिक पद पर है, तो उसे इस योजना लाभ नहीं मिलेगा।
- यदि आप राज्य / केंद्र सरकार के साथ-साथ पीएसयू और सरकारी स्वायत्त निकायों के सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी है तो आपको इस भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, आर्किटेक्ट्स और वकील जैसे प्रोफेशनल्स को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा, भले ही वह किसानी भी करते हों।
- 10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
- अंतिम मूल्यांकन वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले लोगों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
- किसान परिवार में कोई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशंस, जिला पंचायत में हो, तो उसे भी इसका लाभ नहीं मिलेगा।


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